गदराई लंगड़ी घोड़ी-1
मेरे ही पड़ोस की कीर्ति दीदी ने मुझे सब कुछ सिखाया और चूत चुदवाई. दीदी तो मेरे लंड की दीवानी हो गई थी. मेरा लंड 8" का था और काफी मोटा भी था.
नोन वेज यानि चोदने की और चुदवाने की रसीली कहानियां. पता नहीं इसका नाम नोन वेज किसने रखा था! लेकिन हमारे बहुत सब पाठक मित्रों को इसी नाम से हिंदी सेक्स कहानियाँ खोजने की आदत है!
Non veg story jisme chudne aur chodne ki baatein aap ke lie sex ke anubhaw karne wale ya use dekne wale logo ne likhi hui he.
Sexy non-veg sex stories of people who either experienced it or they saw it live being done. These horny Indian Hindi stories will make you give a hard-on or watery pussy!
मेरे ही पड़ोस की कीर्ति दीदी ने मुझे सब कुछ सिखाया और चूत चुदवाई. दीदी तो मेरे लंड की दीवानी हो गई थी. मेरा लंड 8" का था और काफी मोटा भी था.
बहुत देर तक मेरी गांड चाट कर जब सोनू का मन भर गया तो उसने अपना लंड घुसाने में जरा भी देर नहीं की और मेरी गांड में अपना लंड घुसा कर मेरी गांड मारने में लग गया, मैं भी रणवीर के लंड चूसने लगी।
सोनू मुझे चूमते चूमते मेरे मम्मे दबा रहा था। मुझे इतना होश तो था कि कोई मेरे मम्मे दबा रहा है पर इतनी हिम्मत नहीं थी कि उसके हाथ हटा दूँ या कुछ बोल पाऊँ। उसके चूसने का अंदाज़ और नशे में होने के कारण मैं तो जन्नत की सैर कर रही थी।
रणवीर ने मेरी चूत की तरफ रुख किया और उसके मेरी चूत पर मुँह रखते ही मेरे जिस्म में बिजली सी दौड़ पड़ी और मैं सिसकारी भरने लगी. रणवीर तो मेरी चूत को ऐसे चाट रहा था, जैसे आज वो इससे कच्चा ही चबा जाएगा.
कहानी का पिछला भाग : चूत चाटने का मजा-1 उसने कहा- अब जरा उसका बुर साफ़ कर दो. उसने अपना स्कर्ट उतार दिया और नंगी सामने लेट गई और सामने टेबल पर लगा शेविंग का सामान बता दिया. मैं गया और सामान लेकर उसके पास बैठ गया. उसके बुर के बाल काफी घने और लम्बे […]
मैं एक शाम घर में बैठा-बैठा बोर हो रहा था कि मुझे योगेश का एस एम एस आया- क्या कर रहा है बे? मैंने जवाब दिया कि मैं घर में खाली बैठा ऊब रहा हूँ। फिर उसका मैसेज आया- ‘यार, मेरा लण्ड चुसवाने का बहुत मन कर रहा है … क्या करूँ?’ बहुत बेबस था […]
मैंने सासू माँ की पेंटी धीरे से सरका कर हटा दी, उनको उल्टा लिटाया बैठी हुई घोड़ी के स्टाइल से. मैं सासू के पीछे बैठ गया और सासू माँ की गुदा को देखने लगा.
सब दोस्तों को प्यार भरी नमस्ते, इस नाचीज़ सीमा की खूबसूरत हर अदा से प्रणाम! मैं पच्चीस साल की एक हसीन शादीशुदा लड़की हूँ, शादी को एक साल ही हुआ है अभी बच्चा नहीं हुआ है, पांच फुट पांच इंच लम्बी हूँ घनी लंबी जुल्फें, कमर पतली सी है, चूचे उभरे हुए, उन्हें देख बुड्डे […]
दोनों लड़कियाँ आपस में एक दूसरे से अपनी योनि रगड़ रही थी। ऊफ़्फ़…!! मेरी उत्तेजना भी लगातार बढ़ने लगी। परन्तु मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ? कैसे खुद को सन्तुष्ट करूँ? मुझे बहुत परेशानी होने लगी। वो दोनों लड़कियाँ लगातार योनि मर्दन कर रही थी। मुझे मेरी योनि में बहुत […]
चाची- मैं भी तो तुझे कितनी हिंट देती थी, तुझे झुक झुक क़र अपने चुच्चे दिखाती थी. अपनी कच्छी भी नहीं पहनती थी ताकि तुझे मेरी गांड उछलती हुई दिखे. पर तू कुछ करता ही नहीं था...
उसने मेरा सिर पकड़ कर अपनी तरफ़ खींचा और मेरे मुँह और होंठों पर लगे अपनी चूत के रस का आनन्द लेने लई, उसने चाट-चाट के मेरे मुँह को एकदम साफ़ कर दिया।
मेरा नाम जूही परमार है, मैं मुरैना की रहने वाली हूँ, पढ़ने में होशियार और होनहार लड़की हूँ। मैं एक छोटे से कस्बे से ताल्लुक रखती हूँ इसलिए एक बड़े शहर इंदौर में पढ़ने आई हूँ। इस शहर में मेरा कोई जान-पहचान वाला नहीं है तो मेरे पापा ने मुझे हॉस्टल में रुकने की आज्ञा […]
मैं शुरु से ही सेक्स का भूखा हूँ, हमेशा से मैं किसी लड़की या भाभी की तलाश में रहता था जो मेरे साथ सेक्स करे लेकिन कोई मिलती नहीं थी. तो मेरा क्या हुआ?
रीटा की स्कर्ट अब उलट चुकी थी और उसकी कसमसाती गोरी गोरी मखमली गाण्ड बाहर झाँक रही थी. स्कूल ड्रैस और कुतिया स्टाईल में रीटा और भी सैक्सी लगने लगी थी.
हमारे स्कूल की एक मस्त मैडम पिंकी बारहवीं क्लास की एक लड़की से अपने दूध चुसवा रही थी. हाय क्या नज़ारा था! पीले रंग की साड़ी और उस पर अधखुला ब्लाऊज!
कहानी का पिछला भाग : ससुर जी का महाराज-1 मैंने महसूस किया कि मैं अपनी तृष्णा को अब और नहीं दबा सकती थी और उस लण्ड महाराज को चूसना और उसे अपनी चूत में लेकर जिंदगी का मजा लेना चाहती हूँ, मैं अपना अकेलापन दूर करना चाहती हूँ, अपनी सेक्स की भूख मिटाना चाहती हूँ. […]
मैंने भाभी को बिस्तर पर पटक दिया और अपना मुँह उनके स्तनों में गड़ा कर स्तनपान करने लगा. मेरे स्तनपान करने के कारण भाभी धीमी धीमी सिसकारियाँ लेने लगी
मैंने अपनी चूत से खड़े खड़े ही पेशाब की धार छोड़ी, मुकेश मेरे सामने खड़ा रह कर मेरी जांघों से बह कर मेरे पेशाब की धार को देख रहा था.
जीजू ने ढेर सारी क्रीम मेरी गांड में लगाई और लंड एक झटके से घुसेड़ दिया। मैं दर्द के मारे जोर से चिल्लाई- मर गई बहनचोद ! जल्दी वापस निकाल ! ओ भाडू ! ओ जीजा ! तेरी बहन की गांड में सौ लौड़े घुसें !
नमस्कार साथियो, मैंने अन्तर्वासना पर बहुत कहानियाँ पढ़ी हैं. यह मेरी पहली कहानी है. उम्मीद है कि आपको पसंद आएगी. मैं अपने दोस्तों से ब्लू फिल्मों की सीडी लाकर घर पर देखता था. मेरा हाल बहुत बुरा होता था. लण्ड को बार बार मसलता रहता था. मेरा लंड दर्द करने लगता था. मन करता था […]