मेरे ससुर ने मुझे चोदा-5
मैं तो भाग कर ऊपर आ गई। वो नीचे ही थे और चुपके से ऊपर आकर मैं ऊपर आते ही नंगी हो गई और बाबू जी के खड़े लंड पर जाकर बैठ गई।
बड़ा लंड जब चूत या गांड में जाता है तो अंदर तूफ़ान ला देता है और लड़की, भाभी, आंटी की चूत की प्यास बुझा देता है. ऐसे ही बड़े लम्बे मोटे देसी विदेशी काले अफ्रीकन लंड से चुदाई कि गर्म सेक्स कहानियाँ
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मैं तो भाग कर ऊपर आ गई। वो नीचे ही थे और चुपके से ऊपर आकर मैं ऊपर आते ही नंगी हो गई और बाबू जी के खड़े लंड पर जाकर बैठ गई।
बाबू जी मेरे कमरे में आ गए और मेरे पास आकर मुझे छत पर ले गए, बोले- रत्ना मेरी जान.. आज चाँदनी रात है आज यहीं छत पर तुम्हें चोदने का मन हो रहा है।
बहू, तुम भी प्यासी हो और मैं भी प्यासा हूँ। देखो ना.. गोपाल को कितने दिन हो गए और तुम तो अभी जवान हो, सेक्सी गर्म औरत हो।
मैं घाघरा-चोली में बहुत खूबसूरत लगती हूँ क्योंकि मेरे बोबे उस चोली में पूरे नहीं समा पाते थे और मेरी गोरी-गोरी टाँगें भी नंगी ही दिखती थीं, घाघरा घुटनों तक ही आता था।
जब से मैंने अपने ससुर का हलब्बी लौड़ा देखा था और 3 महीने से मेरे पति गोपाल भी यहाँ नहीं थे तो मेरी चूत में भी आग लगी हुई थी।
सुबह करीब 6 बज रहे थे कि मुझे कुछ मेरी कमर पर महसूस होने लगा। मैंने गौर किया तो वो मेरे बदन को सहला रहे थे। हम दोनों अभी नंगे थे, शीशे की खिड़की से रोशनी आ रही थी, तो हमारा बदन साफ़ दिख रहा था। उन्होंने मेरे स्तनों को सहलाना शुरू कर दिया, मैंने […]
Mai Rishte naate Bhool kar Chud Gai-5 सारिका कँवल लिंग अन्दर घुसते ही मुझे बड़ा आनन्द महसूस हुआ, उनके लिंग का चमड़ा पीछे की ओर खिसकता चला गया। मुझे बड़ी ही गुदगुदी सी महसूस होने लगी। मैंने अपने घुटनों को मोड़ा, उनके सीने पर हाथ रख दिया, उन्होंने भी मेरी कमर को पकड़ लिया और […]
मेरा नाम रानी है, मैं एक अच्छे परिवार से हूँ, मेरे दो बच्चे भी हैं। मेरा फिगर यही कोई 38-29-36 है, रंग हल्का सांवला और दिखने में सेक्सी लगती हूँ। मैं एक आफिस में काम करती हूँ। मेरे पति की भी नौकरी अच्छी जगह पर अच्छे पद है। मेरे आफिस की एक शाखा मेरे शहर […]
सारिका कँवल वो मेरे ऊपर से हट गए और बगल में लेट गए। मैंने भी दूसरी और मुँह घुमा कर अपनी आँखें बंद कर लीं। मैंने न तो कपड़े ठीक करने की सोची और न अपनी योनि साफ़ करने की, बस पता नहीं किस ख्याल में डूब गई। मैं बस यह सोच रही थी कि […]
सारिका कँवल मैं लगभग नींद में थी कि मुझे कुछ एहसास हुआ मेरी टांगों में और मेरी नींद खुल गई। मैं कुछ देर यूँ ही पड़ी रही और सोचने लगी कि क्या है, तो मुझे एहसास हुआ कि वो अपना पैर मेरे जाँघों में रगड़ रहे हैं। मैं एकदम से चौंक गई और उठ कर […]
कहानी मेरी बेटी की एक सहेली संगीता जैन की है, मेरी बहू सोनम ने इस किस्से को मुझे बताया था। तो संगीता जैन के ही शब्दों में ढाल कर मैं यह कहानी आपके सामने पेश कर रहा हूँ।
मेरी इस कहानी के पिछले दो भागों में आपने पढ़ा था कि किस तरह मेरे पति ने मुझे रण्डी बना दिया जिसमें मेरी भी सहमति थी। मेरे पति खाना लेकर आ गए फिर हम दोनों ने खाना खा सोने के लिए बिस्तर पर गए तो मेरे पति ने पूछा- क्यों.. बड़ी चुप हो नेहा..? तो […]
मेरी सुहागरात की चुदाई: लण्ड खुल गये हनीमून में, सबने चोदा हनीमून में मुँह में लौड़ा, बुर में लौड़ा, गाण्ड में लौड़ा हनीमून में !
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी इतनी देर चुदाई के बाद भाभी को पेशाब आ गया था। वो उठ कर गुसलखाने में गईं लेकिन दरवाज़ा खुला ही छोड़ दिया। इतना चुदवाने के बाद भाभी की शर्म बिल्कुल खत्म हो गई थी। गुसलखाने से ‘प्सस्सस्सस्स…’ की आवाज़ आने लगी। मैं समझ गया भाभी ने मूतना […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी ‘छोड़ ना मुझे, खाना तो बनाने दे।’ भाभी झूटमूट का गुस्सा करते हुए बोलीं और साथ ही में अपने चूतड़ों को इस प्रकार पीछे की ओर उचकाया कि मेरा लौड़ा उनके चूतड़ों की दरार में अच्छी तरह समा गया और चूत को भी छूने लगा। भाभी की चूत […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी भाभी अब बिल्कुल नंगी थी। चूतड़ उठाए उनके चौड़े नितंब और बीच में से मुँह खोले निमंत्रण देती, काली लम्बी झाँटों से भरी चूत बहुत ही सुन्दर लग रही थी। भारी-भारी चूतड़ों के बीच गुलाबी गाण्ड के छेद को देख कर तो मैंने निश्चय कर लिया कि एक […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी ‘सच.. देख राजू, मोटे-तगड़े लंड की कीमत एक औरत ही जानती है। इसको मोटा-तगड़ा बनाए रखना। जब तक तेरी शादी नहीं होती मैं इसकी रोज़ मालिश कर दूँगी।’ ‘आप कितनी अच्छी हैं भाभी, वैसे भाभी इतने बड़े लंड को लवड़ा कहते हैं।’ ‘अच्छा बाबा, लवड़ा.. सुहागरात को बहुत […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी थोड़ी देर में भाभी बाहर आईं तो उनके हाथ में वही सफेद कच्छी थी जो उन्होंने अभी-अभी पहनी हुई थी। भाभी फिर से वैसे ही बैठ कर अपनी कच्छी धोने लगी। लेकिन बैठते समय उन्होंने पेटीकोट ठीक से टांगों के बीच दबा लिया। यह सोच कर कि पेटीकोट […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी ‘तुम्हारी कसम मेरी जान… इतनी फूली हुई चूत को छोड़ कर तो मैं धन्य हो गया हूँ और फिर इसकी मालकिन चुदवाती भी तो कितने प्यार से है।’ ‘जब चोदने वाले का लंड इतना मोटा तगड़ा हो तो चुदवाने वाली तो प्यार से चुदवाएगी ही.. मैं तो आपके […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी मैं साँस थामे इंतज़ार कर रहा था कि कब भाभी पैन्टी उतारें और मैं उनकी चूत के दर्शन करूँ। भाभी शीशे के सामने खड़ी हो कर अपने को निहार रही थीं, उनकी पीठ मेरी तरफ थी। अचानक भाभी ने अपनी ब्रा और फिर पैन्टी उतार कर वहीं ज़मीन […]