निम्फोमेनिया : सेक्स की लत- 5

(Golden Showers In Sex)

सनी वर्मा 2025-04-03 Comments

गोल्डन शावर इन सेक्स का मजा लिया गैर मर्द से उस पत्नी ने जिसने अपनी जवानी शादी तक अपने पति के लिए बचा कर रखी थी.

कहानी के चतुर्थ भाग
पति के दोस्त पर दिल आ गया
में आपने पढ़ा कि जब पति का एक विदेशी दोस्त उनके मिलने आया तो पति पत्नी दोनों के मन में खुराफात चल रही थी. पति ने अपने दोस्त को अपनी लाइव चुदाई दिखाई.

अब आगे गोल्डन शावर इन सेक्स:

सिम्मी ने कहा- लाइट खोलनी पड़ेगी.
कह कर जब वो स्विच की और गयी तो उसने संजीव से कहा- आज तुमने डोर लॉक नहीं किया ठीक से?
कहकर उसने पर्दा ठीक किया और डोर लॉक किया.

फिर लाइट खोल कर अपने को और बेड को साफ़ किया.

डेविड अब अपने रूम में बेड पर लेटा सिम्मी के मांसल जिस्म का ख्याल करके अपना लंड रगड़ रहा था.

सुबह वो दोनों ही 7 बजे के बाद ही उठे.

सिम्मी फ्रेश होकर हाउस गाउन पहनकर किचन में आई कॉफ़ी बनाने.
संजीव फ्रेश होने चला गया.
उसे देर लगती थी.

सिम्मी ने एक निगाह डेविड के रूम में डाली.
डोर लॉक नहीं था.

उसने हल्के से पर्दा हटाया तो डेविड आधे जिस्म पर चादर डाले सो रहा था.
ऊपर तो उसने कुछ पहना नहीं था.

सिम्मी का मन किया कि चादर हटा कर देख ले कि नीचे भी कुछ पहना है या नहीं.
उसकी हालत तो ऐसी थी कि उसे मर्द का चेहरा तो बाद में दिखता, पहले तो वो उसके लंड को टटोलती.

सिम्मी ने महसूस किया कि डेविड की चादर से लंड का उभार दिख रहा है.
अब सिम्मी से बर्दाश्त नहीं हो रहा था.
उसने हल्के से आगे बढ़कर डेविड की चादर नीचे खींची.

डेविड गहरी नींद में था.
चादर नीचे खिंच गयी.

डेविड का लंड पूरा तना हुआ था.
सिम्मी का तो हल्क सूख गया, उसकी साँस तेज चलने लगी.

इससे पहले की चूत बेकाबू हो जाती, वो अपने मुंह पर हाथ रखे बाहर आ गयी.

उसने किचन में आकर अपने और संजीव के लिए कॉफ़ी बनायी.
पीछे से संजीव ने आकर उससे चिपटते हुए उसे चूमा.

सिम्मी ने उसे चूमते हुए कहा- डेविड को देख लो अगर वो उठ गया हो तो उसकी भी ब्लैक कॉफ़ी बना दूं.

संजीव डेविड के रूम में गया और हँसते हुए वापिस आया और सिम्मी का हाथ पकड़कर जबरदस्ती डेविड के रूम में ले जाने लगा- आ तुझे कुछ दिखाता हूँ.
सिम्मी समझ गयी, वो गयी नहीं और पूछा- क्या हुआ?

संजीव हँसते हुए बोला- वो नंग धडंग सो रहा है और उसका लंड पूरा राकेट बना हुआ है.

सिम्मी नाटक करती बोली- मुझे नहीं देखना किसी और का! तुम्हारा ज्यादा ही तन रहा है तो रूम में चलो. कपड़े उतार कर कॉफ़ी पिएंगे.

ये उसका पसंदीदा स्टाइल था.

दोनों कपड़े उतारते. संजीव सोफे पर बैठता और सिम्मी उसके ऊपर चढ़ कर बैठती.
और संजीव का लंड अपनी चूत में करके फिर दोनों ऐसे ही कॉफ़ी पीते.

संजीव को तो 9 बजे तक ऑफिस निकलना था.
डेविड सोकर ही 9 बजे उठा.

सिम्मी ने डेविड को मोर्निंग बोली तो डेविड ने नजदीक आकर उसे गाल पर चूम लिया.
संजीव नाश्ता कर रहा था, वो डेविड की हरकत देख कर मुस्कुरा दिया.

चूंकि संजीव जल्दी में था तो उसने बस पांच मिनट हाय हेल्लो करी और निकल लिया.
डेविड को मीटिंग में 1 बजे जाना था.

ये तय हुआ कि शाम को संजीव जल्दी आ जाएगा.
दोपहर बाद लीज़ा भी पहुँच रही है.
दिन में लीज़ा को सिम्मी कम्पनी देगी और शाम तो डेविड शाम को सीधा अपने होटल जाएगा और संजीव के आने के बाद चारों देर रात बाहर मस्ती करेंगे.

सिम्मी ने डेविड को कॉफ़ी दी.
सिम्मी अभी गाउन में ही थी.
गाउन के नीचे उसकी छोटी सी फ्रॉक थी.
उसके नीचे कुछ नहीं.

डेविड ने टी शर्ट और शॉर्ट्स पहने थे.
संजीव के जाने के बाद सिम्मी कुछ असहज महसूस कर रही थी.
डेविड और वो घर में अकेले.

डेविड ने उसे रात को नंगी महसूस किया है.
और उसने तो सुबह ही डेविड का लंड देखा है.

खैर सिम्मी की चूत में सुरसुराहट तो सुबह से बंद ही नहीं हुई थी.
हालाँकि कॉफ़ी पीते समय संजीव ने एक फटाफट वाला सेक्स सेशन कर लिया था.
पर सिम्मी की निगाहों में तो डेविड का लंड बसा था.

उसे कुछ सोचते देख डेविड ने उससे पूछा- कहाँ खो गयी?
सिम्मी मुस्कुराई और बोली- नहीं मैं ठीक हूँ.

डेविड उसके नजदीक आकर बैठ गया.
उसने सिम्मी को प्यार से देखते हुए कहा कि वो बहुत खूबसूरत है.
सिम्मी ने थैंक्स कहा.

डेविड ने उसकी तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहा कि क्या वो उसका दोस्त बन सकता है?
सिम्मी मुस्कुराई और गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए बोली- हम दोस्त तो हैं ही.

अब डेविड ने कहा- दोस्ती में कुछ छिपाना नहीं चाहिए. कल रात को उसने संजीव और सिम्मी की चुदाई महसूस की. दिखाई तो कुछ नहीं दिया पर सिम्मी हल्ला बहुत मचाती है लीज़ा की तरह.
सिम्मी शर्मा कर बस मुस्कुराती रही.

डेविड ने आगे बढ़कर उसकी हाथ अपने हाथ में ले लिए और बोला- तुम्हें मेरा सीज़र कैसा लगा?
सिम्मी चौंक गयी.

डेविड मुस्कुराते हुए बोला- मैं सुबह जाग रहा था.
सिम्मी शर्मा गयी और बिना जवाब दिए उठकर अपने रूम में चली गयी.

जाते जाते उसने मुस्कुरा कर डेविड की ओर देखा और कहा- सीज़र बहुत हैंडसम है.

डेविड भी उसके पीछे पीछे रूम में आ गया.

सिम्मी अपनी वार्डरोब से नहाने के लिए कपड़े निकाल रही थी.
डेविड ने उसके कंधे पर हाथ रखा तो सिम्मी घूम गयी.
डेविड उसे देख कर मुस्कुरा रहा था.

सिम्मी के तो मानो दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था.
उसे एहसास हो गया था कि अब वो अपने को नहीं रोक पाएगी. उसे डेविड का लंड चाहिए ही चाहिए था.

डेविड ने उसके दोनों गालों को बहुत आहिस्ता से अपने हाथों से पकड़ा और कहा- तुमने मेरा दिल जीत लिया है. क्या हम और नजदीक आ सकते हैं?

सिम्मी चुप रही बस उसकी आँखों में आँखें डाल देखती रही.
उसके जिस्म में करंट-सा दौड़ रहा था.

डेविड अपना चेहरा उसके और करीब लाया.
सिम्मी का दिल जोर से धड़क रहा था.
उसने आँखें बंद कर लीं.

डेविड और आगे झुका और सिम्मी के गर्म होंठों पर अपने होंठ जड़ दिए.

सिम्मी की बर्दाश्त का बाँध अब टूट गया.
वो लिपट गयी डेविड से और उसे कस के भींच लिया.

अब दोनों एक दूसरे को ताबड़-तोड़ चूम रहे थे.
सिम्मी का मन डेविड का लंड पकड़ने को था.
पर उसे डर लगा कि कहीं डेविड बस यहीं तक की सोच कर आया हो.

तो उसने डेविड का साथ देते हुए पहल उसी पर छोड़ दी.

डेविड ने उसके गाउन की डोरी पर हाथ लगाया और उसकी आँखों में झांकते हुए पूछा- मे आई?

सिम्मी ने उसे रोकने के लिए अपना हाथ अपने आगे किया तो उसका हाथ डेविड के तम्बू बने बरमुडा में लंड के उभार से जा टकराया.

डेविड को कुछ सेकंड की मोहलत मिली तो उसने इसे सिम्मी का संकोच या सहमति मानी और फिर गाउन की डोर खींच दी.

गाउन खुलते ही सिम्मी ने उसे उतार दिया.

अब डेविड ने नीचे हाथ करके उसकी फ्रॉक को ऊपर तक उठा दिया और उसके मम्मे चूमने शुरू किये.

सिम्मी ने भी अब शर्म छोड़ डेविड के बरमुडा में हाथ डाल कर उसका मजबूत फौलादी लंड पकड़ लिया और कस के मसलने लगी.
डेविड ने अब सिम्मी को गोदी में उठाया और बेड पर लिटा दिया.

सिम्मी ने आँख बंद कर रखी थी.
डेविड ने उसकी फ्रॉक ऊपर करते हुए उसे उतार दिया और साथ ही अपने कपड़े भी उतार दिये.

अब सिम्मी आँख खोल उसे टुकुर टुकुर देख रही थी.
सिम्मी का एक दूसरे लंड का सपना आज साकार हो रहा था.

डेविड ने आगे झुककर सिम्मी के होंठ से होंठ भिड़ा कर उसे चूमा और कहा कि उसने इतना सौन्दर्य पहली बार देखा है. उसकी जिन्दगी में कितनी ही लडकियां आयीं. पर सिम्मी तो मानो उसके लिए एक सपना है.

डेविड ने उसके मम्मे भी चूमे और फिर नीचे होकर सिम्मी की मखमली चूत में जीभ दे दी.
सिम्मी की आह निकल गयी.

कद काठी के हिसाब से ही डेविड की जीभ भी मोटी थी और उसका थूक गर्म था.
सिम्मी ने अपनी उँगलियों से अपनी फांकें चौड़ा दीं.

डेविड ने ढेर सारा थूक लगा कर अपनी एक मोटी उंगली उसकी चूत में कर दी और लगा मसलने.

सिम्मी की आहें निकल रही थीं तो डेविड ने उसके होंठ से होंठ भिड़ा रखे थे.

उसके जिस्म की आग जब उससे बर्दाश्त नहीं हुई तो सिम्मी ने उससे कहा- मुझे भी तुम्हारा सीज़र चूसना है. क्यों न हम 69 हो जाएँ?

अब सिम्मी के मुंह में डेविड का लंड था.
उसे एहसास हुआ कि डेविड का लंड संजीव से मोटा और लंम्बा है.

पर डेविड भी अपने हाथों से उसकी चूत की फांकों को चौड़ा कर पूरी जीभ अंदर कियी हुए था.
सिम्मी की चूसने की कला इतनी कामयाब थी कि डेविड के भी पसीने छूट गए.

उसने हँसते हुए अपने को छुड़ाया और उससे बोला- यू आर टेर्रिबल!

अब बाज़ी सिम्मी के हाथ थी.
उसने डेविड को नीचे किया और खुद उसके पैरों की तरफ आकर उसके लंड को हाथों में पकड़ा और लगी फिर से चूसने.

उसने अपने मुंह से ढेर सारा थूक लंड के सुपारे पर डाला और खाल को नीचे करके लगी हथेलियों से मसलने.
डेविड उसकी मिन्नतें करने लगा- मेरा होने वाला है.
पर सिम्मी ने बजाये छोड़ने के उसका लंड मुंह में ले लिया और जीभ और होंठों से दबाकर चूसने लगी.

डेविड का स्खलन होने को था, वो काँप रहा था.
उसने एक झटके में अपने लंड का सारा माल सिम्मी के मुंह में ही छोड़ दिया.

सिम्मी के लिए ये पहला मौक़ा था.
पर पोर्न देख देख कर उसका मन बन चुका था वीर्य चाटने का.

सिम्मी ने थोड़ा सा वीर्य अंदर पीया तो उसे घिन सी आ गयी.
वो बाथरूम में गयी और कुल्ला करके आई.

डेविड उसे देख रहा था मानो जानना चाह रहा हो अब आगे क्या?
सिम्मी मुस्कुराई और बोली- उसे जल्दी खड़ा करो, मेरी प्रिंसेस इसका इंतज़ार रही है.

डेविड उठकर वाशरूम में जाकर अपना लंड धोने लगा.

पीछे से सिम्मी आ गयी और उसके पीछे से चिपट गयी.

सिम्मी उसे शावर के नीचे ले गयी और शावर खोल दिया.
दोनों चिपट गए.

जिस्म गर्म थे और ऊपर से गिरता पानी और आग भड़का रहा था.

डेविड सिम्मी के मम्मे पागलों की तरह चूस रहा था.

अब डेविड नीचे बैठ गया.

सिम्मी ने अपनी एक टांग उसके कंधे पर रख दी.
अब सिम्मी की रेशमी चूत डेविड के सामने थी.

डेविड ने गुफा में अपनी जीभ घुसा दी.
उसने सिम्मी के पिछवाड़े को पकड़ कर अपनी ओर धकेला ताकि उसकी जीभ और गहराई तक अंदर जा पाए.

सिम्मी कसमसा रही थी.
अचानक सिम्मी को पेशाब की फीलिंग आई.
उसने डेविड को इशारा किया कि उसे पेशाब जाना है.

डेविड मुस्कुराया और उसकी टांगों को कस के पकड़ लिया और बोला- मेरे ऊपर ही कर दो.

सिम्मी को बहुत संकोच हुआ.
उसने न तो कभी किया था ऐसे संजीव के ऊपर और न कभी पोर्न में देखा था.
हाँ, अलबत्ता उसने कहीं पढ़ा था कि इसे गोल्डन शावर कहते हैं.

सिम्मी ने छूटने की असफल कोशिश की और हार कर पूरी धार डेविड के चेहरे और छाती पर छोड़ दी.

डेविड को बहुत अच्छा लगा उसने अपने हाथ से उसके पेशाब को अपनी छाती पर मला.

अब दोनों वापिस खड़े हो गए और एक बार शावर लेकर बाहर निकलने लगे.
गोल्डन शावर इन सेक्स स्टोरी के हर एक भाग पर आप अपने विचार भेजते रहें.
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गोल्डन शावर इन सेक्स का अगला भाग:

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