ऑनलाइन दोस्त ने मेरी चूत फाड़ कर मजा दिया- 1

(Desi Choot Sex Kahani)

देसी चूत सेक्स कहानी में शादी के बाद मुझे पति से पूरा चुदाई सुख नहीं नीला तो अपनी चूत में उंगली करके अपनी वासना को शांत करने लगी। फिर मैं ऑनलाइन सेक्स खोजने लगी.

यह कहानी सुनें.

दोस्तो,
मैं सोनम अपनी एक नई कहानी में आप सभी लोगों का स्वागत करती हूं।

अभी तक की मेरी पिछली कहानी
घर में ही मिला चुदाई का रास्ता
को आप लोगों ने इतना पसंद किया, उसके लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद।

दोस्तो, मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि अपने पाठकों को सत्य घटना पर ही कहानियां भेजूं जिससे पढ़ने में भी मजा आये और आप लोगों के अंदर चुदाई की गर्मी बढ़ती रहे।

आज जो कहानी मैं आप लोगों के बीच प्रस्तुत कर रही हूं, वो कहानी मेरी बहुत अच्छी सहेली ने मुझे भेजी है जो स्कूल के समय से ही मेरी दोस्त है।
अब उसकी शादी हो गई है लेकिन अभी कोई बच्चा नहीं है।

यह देसी चूत सेक्स कहानी पूरी तरह से सत्य घटना पर है और किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है.
जो कुछ भी हुआ था, वो सब वैसा ही कहानी में बताया गया है.

शादी के बाद अपने पति से चुदाई का सुख न मिलने के कारण उसके कदम बहक गए और वह अपने ऑनलाइन दोस्त के साथ चुदाई का मजा लेने लगी।

किस तरह से उसे ऑनलाइन चैट के जरिये दोस्त मिला और कैसे उस दोस्त ने उसके जिस्म की गर्मी को शांत किया?
जानते हैं उसकी देसी चूत सेक्स कहानी में!

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम अंकिता है और मेरी उम्र 27 साल है।
दिखने में मैं ज्यादा तो नहीं फिर भी खूबसूरत हूँ।
गोरा रंग है लंबी कद काठी है और 36-32-38 का फिगर!
मेरा वजन 57 किलो है और मैं काफी हट्टी कट्टी लड़की हूँ।

मेरे बदन पर सबसे आकर्षक चीज़ है मेरे बड़े बड़े कसे हुए दूध और मेरी उभरी हुई बड़ी सी गांड!

कही भी मैं जाती हूँ तो लोगों की गंदी निगाहें मेरे दूध और गांड पर टिक जाती है।

शादी से पहले कभी भी मैंने सेक्स नहीं किया था लेकिन सेक्स के बारे में मुझे पूरी जानकारी थी।
2020 में मेरी शादी हुई और शादी के बाद ही मैंने पहली बार चुदाई की थी।

लेकिन दोस्तो, मेरे पति ने कभी भी मुझे संतुष्ट नहीं किया था।

ज्यादा से ज्यादा 5 मिनट की चुदाई के बाद उनका लंड जवाब दे जाता है और उसके बाद लाख कोशिश करने के बाद भी खड़ा नहीं होता।
ऐसा कभी भी नहीं हुआ है कि उन्होंने मेरा पानी निकाला हो.
उनका साढ़े चार इंच का लंड मेरे तगड़े बदन को कभी भी संतुष्ट नहीं कर पाया।

महीने में कभी कभी ही हम दोनों के बीच चुदाई होती है और वो भी जल्द ही खत्म हो जाती है।

पति से किसी तरह का सुख न मिलने के कारण मेरा मन मोबाइल पर ब्लू फिल्म देखने की तरफ जाने लगा।
रोज मैं ब्लू फिल्म देखकर अपनी उंगलियों से ही अपने आप को संतुष्ट करने लगी।

शादी के कुछ महीनों के बाद ही मेरे पति का ट्रांसफर हो गया और हम दोनों अकेले ही शहर में रहने लगे थे।

पति के घर पर न रहने से सारा दिन बस मोबाइल पर फ़िल्म देखते हुए और दिन में दो तीन बार उंगली करके अपने आप को संतुष्ट करना मेरी आदत बन गई थी।

लेकिन दोस्तो, औरत की चूत को असली सुख तो मर्द का लंड ही दे सकता है क्योंकि जब तक औरत को दबाकर न चोदा जाए उसे मजा कहाँ मिलता है।
लेकिन मैं किसी तरह से बस अपने आप को बस खुश कर रही थी।

इसके बाद 2022 में मेरे कदम बहक गए और अपने बदन की गर्मी को शांत करने के लिए मैंने गैर मर्द के साथ सम्बन्ध बना लिए।

गैर मर्द से मिलने के बाद ही मुझे चुदाई का असली मजा मिला और उन्होंने मेरी तड़पती जवानी को पाकर मुझे चोद चोदकर मेरी हालत बिगाड़ दी।
उनका विशालकाय लंड और पहलवाल जैसे शरीर की ताकत से मेरी चूत बुरी तरह फैल गई।

पहले मेरी चूत में मेरे पति का छोटा सा पतला लंड जाता था लेकिन अब 7 इंच का मोटा लंड जाकर चूत के परखच्चे उड़ गए हैं।
अब चूत हो या फिर मेरी गांड दोनों की ही बुरी तरह से चुदाई होती है।

तो वह कौन है जिनके साथ मैंने सम्बन्ध बनाये और कैसे उन्होंने मेरी चुदाई की?
ये सब आगे जानते हैं।

दोस्तो, 2020 में मेरी शादी हुई थी.
कुछ महीने अपने ससुराल में रहने के बाद मेरे पति का ट्रांसफर बड़े शहर में हो गया और हम दोनों यहाँ आ गए।

शहर में हमें एक क्वाटर मिला जहाँ पर हम लोग अकेले रहते थे।
जिस कालोनी में हम लोग रहते हैं, वहाँ सभी हमारे ही कंपनी के लोग ही रहते हैं।

कालोनी काफी बड़ी है और यहाँ लोग ज्यादातर अपने से ही मतलब रखते हैं, न तो ज्यादा किसी से बात करना न किसी के घर आना जाना।

कुछ ही दिन में मैं बहुत ज्यादा बोर महसूस करने लगी थी।
पति के ऑफिस जाने के बाद सारा दिन अकेली रहकर मैं परेशान हो गई थी।

धीरे धीरे मैं अपने फोन पर ब्लू फिल्म देखने लगी और फ़िल्म देखते हुए अपनी देसी चूत में उंगली करके अपने जिस्म को शांत करना मेरी आदत हो गई।

ऐसा दिन में दो तीन बार हो जाता था और यह रोज का ही काम हो गया था।

फिर मैं मोबाइल पर सोशल मीडिया पर अपने डांस की वीडियो पोस्ट करने लगी।
धीरे धीरे मेरी वीडियो काफी लोगों को पसंद आने लगी और मेरे फॉलोवर बढ़ते जा रहे थे।

बहुत लोग मेरी वीडियो पर कमेंट करते थे कुछ तो नार्मल तो कुछ मेरे बदन के बारे में कमेंट करते थे।

कई लोग तो मुझे मैसेज भी करते थे लेकिन मैं किसी के मैसेज का जवाब नहीं देती थी।
ऐसे ही मेरी जिंदगी कट रही थी।

एक दिन दोपहर में मैं अपना सोशल मीडिया एकॉउंट चेक कर रही थी.
उसमें काफी सारे मैसेज पड़े हुए थे।
मैं धीरे धीरे सभी मैसेज पढ़ रही थी।

मैंने गौर किया कि एक व्यक्ति लगभग रोज ही मुझे लगातार मैसेज किया था और सबसे ज्यादा उसके ही मैसेज थे।

उसने कोई गंदा मैसेज नहीं किया था लेकिन उसके मैसेज मुझे अच्छे लगे।
इसलिए मैंने भी उसे फॉलो कर लिया।

जैसे ही मैंने उसे फॉलो किया, वह ऑनलाइन हो गया और तुरंत ही मुझे मैसेज में थैंक्स लिखकर भेजा।

थोड़ी थोड़ी देर में लगातार उसके मैसेज आ रहे थे लेकिन मैं उसको कोई भी जवाब नहीं दे रही थी।

फिर आखिरकार मैंने उसे उसके मैसेज का जवाब दे ही दिया।

हम दोनों के बीच मैसेज का आदान प्रदान होता रहा और उससे चैट करके मुझे पता चला कि वह हमारे ही शहर का रहने वाला है।

उस दिन काफी देर तक हम दोनों में चैटिंग होती रही।

उसके बाद आये दिन हम लोग चैटिंग करने लगे और हसबैंड के ऑफिस जाने के बाद ज्यादातर समय उससे चैटिंग करके ही बीतता था।

कुछ महीने में ही उसने मुझे अपना मोबाइल नंबर दे दिया और मैंने भी उसे अपना मोबाइल नंबर दे दिया।
अब हम दोनों के बीच फोन पर घण्टों बात होने लगी थी।

पति से सुख न मिलने के कारण मेरे कदम धीरे धीरे बहकने लगे और अपनी प्यासी जवानी की प्यास बुझाने के लिए मैं उनके करीब जाने लगी।

जल्द ही हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई और एक दिन हमारे बीच मिलने का प्लान बना।
हम लोग बिल्कुल नार्मल दोस्त की तरह मिलने वाले थे।

पति के ऑफिस जाने के बाद मैं तैयार हुई और दोपहर में उनसे मिलने के लिए निकल गई।

हम लोग एक रेस्टोरेंट में मिलने वाले थे और उन्होंने मुझे वहाँ का पता पहले ही बता दिया था।
तब से पहले मैं उनकी फोटो मात्र ही देखी थी।

उनका नाम विक्रम सिंह था और वे रिटायर्ड फौजी थे।
बस मुझे उनके बारे में इतना ही पता था।

तय समय से ही मैं वहाँ पहुँच गई.
वे पहले से ही मेरा इंतज़ार कर रहे थे।

यह हमारी पहली मुलाकात थी और हम दोनों फैमिली कैबिन में बैठे थे.
मैं उन्हें बड़े गौर से देख रही थी।
उनका फौलादी बदन, लंबा शरीर और चौड़ी छाती मुझे काफी पसंद आई थी।

वे भी मुझसे बातें करते हुए लगातार अपनी तिरछी नजरो से मुझे और मेरे गदराए बदन को देख रहे थे।

उस दिन मैंने साड़ी पहनी हुई थी और साड़ी से मेरी कमर पेट और मेरी नाभि नजर आ रही थी।
इसके अलावा ब्लाउज के बगल से मेरे तने हुए दूध का ब्लाउज के अंदर से ही अपनी झलक दे रहे थे।

हम दोनों काफी देर तक बातें करते रहे और उसके बाद लंच करने के बाद भी काफी देर तक वहाँ बैठे हुए एक दूसरे से बातें करते रहे।

मुझे उनका व्यवहार काफी अच्छा लगा था.
उस वक्त मेरी उम्र 25 साल थी और विक्रम जी की उम्र 49 साल थी।
हम दोनों के बीच 24 साल का फासला था लेकिन फिर भी मुझे वे काफी पसंद आये थे।

करीब तीन घण्टे उनके साथ बिताने के बाद मैं वहाँ से वापस घर आ गई।

उस दिन के बाद से हमारे बीच फोन पर बातों का दौर और भी ज्यादा बढ़ गया था।

पति के ऑफिस जाने के बाद मैं खुद ही उन्हें फोन कर लिया करती थी क्योंकि वे भी अकेले ही रहते थे।

रिटायमेंट के बाद वे किसी प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी में सुपरवाइजर का काम करते थे और शहर में अकेले ही रहते थे।

अब हम दोनों के बीच फोन पर बातों के अलावा मिलना भी बार बार होने लगा।
हफ्ते में एक दो बार हम लोग उसी रेस्टोरेंट में मिल लेते थे।

ये सब चलते हुए करीब पांच महीने हो गए थे लेकिन उन्होंने कभी भी मुझसे सेक्स के बारे में कुछ भी नहीं कहा था।
हम दोनों के बीच बस नार्मल दोस्ती चल रही थी।

उसके बाद एक ऐसा दिन आया कि हम दोनों के बीच की दीवार टूट गई और हम दोनों सेक्स की तरफ बढ़ गए।

हुआ यूं था कि मेरे पति को जरूरी काम के लिए एक दिन के लिए अपने घर जाना पड़ा और एक दिन के लिए वे मुझे अपने साथ नहीं ले गए थे।

मेरे पति सुबह सुबह ही चले गए थे और मैं सारा दिन विक्रम जी से बातें करती रही।

उस रात को पहली बार हमारे बीच बात हो रही थी क्योंकि रोज पति के रहने के कारण हम लोग बात नहीं करते थे।

रात में कुछ देर फोन पर बात करने के बाद उन्होंने मुझे वीडियो कॉल करने को कहा और मैं तैयार हो गई।
अब हमारे बीच वीडियो कॉल पर बातें होने लगी।

मैं रात में नाइटी पहनती हूँ औऱ उस रात भी मैंने सिल्क नाइटी पहनी हुई थी।

नाइटी के अंदर ब्रा न होने के कारण मेरे बड़े बड़े दूध नाइटी से चिपके हुए थे और मेरे निप्पल नाइटी पर तीर की तरह उभरे हुए थे।

विक्रम जी की नजर बार बार मेरे सीने पर जा रही थी और मैं भी ये बात जान रही थी।
काफी देर तक हम लोग ऐसे ही वीडियो कॉल पर बात करते रहे।

फिर विक्रम जी ने मुझसे मेरे पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते हुए मेरी सेक्स लाइफ के बारे में पूछने लगे।

मैं भी उन्हें अपने बारे में सब कुछ बताती रही जल्द ही हम दोनों के बीच माहौल काफी गर्म हो गया था.
और मैं तो पहले से ही इतनी प्यासी थी कि मुझे गर्म होने में समय नहीं लगा।
उनसे बात करते करते ही मेरी पेंटी गीली होना शुरू हो गई।

विक्रम जी अब मुझसे मेरे फिगर के बारे में पूछ रहे थे और मेरे बदन की तारीफ कर रहे थे।
जल्द ही हम दोनों बिना किसी शर्म के बातें कर रहे थे और दोनों ही गंदे गंदे शब्दों का प्रयोग कर रहे थे।

उस रात हम दोनों इतने ज्यादा गर्म हो चुके थे कि विक्रम जी ने फोन पर ही मुझे चोद लिया था।
हालांकि मैंने इतनी प्राइवेसी रखी हुई थी कि वीडियो कॉल पर उन्हें अपना नंगा बदन नहीं दिखाया था लेकिन फिर भी हम लोग फोन पर ही चुदाई कर लिए थे।

रात करीब तीन बजे तक हम दोनों बात करते रहे और फिर सो गए।

मेरे बदन में उस रात अलग ही हलचल थी और अगर विक्रम जी पास होते तो आज ही उनसे चुद लेती।

सुबह 8 बजे फोन की आवाज से मेरी नींद खुली।
मैंने फोन देखा तो मेरे पति का फोन था।

फोन पर मेरे पति ने बताया कि जिस काम के लिए वे गए हुए थे वो अभी नहीं हो पाया है और दो दिन का समय लग सकता है।
उन्होंने मुझसे कहा- अगर तुम चाहो तो ट्रेन से घर आ सकती हो।
लेकिन मैंने मना कर दिया क्योंकि इतनी जल्दी टिकट भी नहीं मिलती और मेरा मन बिल्कुल भी नहीं था इसलिए मैं उन्हें टालते हुए मना कर दी।

पति के फोन रखते ही मेरे अंदर अजीब सी खुशी की लहर दौड़ गई ऐसा क्यों था, पता नहीं!
लेकिन अब मैं करीब दो तीन दिन अकेली रहने वाली थी।

रात में विक्रम जी के साथ हुए फोन सेक्स के बाद मेरे बदन में पहले ही हलचल मची हुई थी और अभी अकेली रहने की खुशी से मैं मानो हवा में उड़ रही थी।
अब मुझे लग रहा था कि दो तीन दिन विक्रम जी के साथ जमकर फोन सेक्स करने को मिलेगा।

उसके बाद फ्रेश होकर मैंने चाय नाश्ता किया और उसके बाद विक्रम जी को फोन किया।

मैंने उन्हें भी यह बात बताई की अगले दो तीन दिन मैं अकेली रहने वाली थी।
मेरी बात सुन वे भी खुश हुए लेकिन उन्होंने तो बहुत आगे की बात कह दी।

उन्होंने कहा- अगर इजाजत मिले तो आज रात का खाना मैं तुम्हारे हाथ का खाना चाहूंगा।
मैं सब कुछ समझ गई थी कि उनके मन में क्या था।

कुछ देर सोचने के बाद मैंने बहुत बडा रिस्क लेते हुए उन्हें अपने घर आने के लिए कह दिया।
रिस्क इस बात का था कि अगर इस बात का पता किसी को चल गया तो बहुत बड़ी दिक्कत हो जाएगी।

फिर भी मैं यह रिस्क लेने के लिए तैयार हो गई।

मैंने विक्रम जी को रात 8 बजे आने के लिए कह दिया।

उसके बाद मैं घर का काम खत्म करने के बाद नहाने गई और जब मैं बाथरूम के आईने में अपने नंगे बदन को देखा तो मेरे गुप्तांग में सभी जगह बालों के जंगल उगे हुए थे क्योंकि काफी दिनों से मैंने गुप्तांगों की साफ सफाई नहीं की थी।

उस वक्त ही मैंने सोचा कि अगर आज रात मेरे और विक्रम जी के बीच कुछ होता है तो मेरा बदन सुंदर दिखना चाहिए।
फिर मैंने अपने बदन पर उगे हुए सभी बालों को साफ कर लिया।

अपनी चूत, बाजू, टांग … हर जगह के बालों को साफ करने के बाद मेरा बदन दमकने लगा था।

दिन में कई बार विक्रम जी से मेरी बात होती रही और मेरे अंदर वासना का बवंडर उठता रहा।
मुझे पक्का यकीन था कि आज रात मेरे और विक्रम जी के बीच चुदाई होगी ही!

किसी पराए मर्द के साथ चुदाई का ये मेरा पहला मौका था और उनके सामने नंगी होने का अहसास वैसा ही होगा जैसे सुहागरात की रात मेरे पति के द्वारा मुझे नंगी करने के वक़्त हुआ था।

मेरे मन में डर के साथ साथ कई सवाल उमड़ रहे थे जैसे कि उनका लंड कैसा होगा क्या मैं उनको झेल लूंगी।
वे मुझसे इतने बड़े हैं … पता नहीं वे कैसे मुझे चोदेंगे।

फिर मुझे ऐसा भी लग रहा था कि कही वे बस खाना खाकर ही न वापस चले जाएं और हमारे बीच कुछ हो ही न!
तरह तरह के ख्याल मेरे मन में आ रहे थे।

और इसी बीच शाम के 5 बज चुके थे।

फिर मैंने अपने कमरे की अच्छे से साफ सफाई की और बिस्तर पर नई चादर बिछाई।
6 बजे से मैंने खाना बनाना शुरू किया और 8 बजे से पहले पहले ही मैंने खाना तैयार कर लिया।
उसके बाद मैं नहाने चली गई।

नहाते वक्त मैंने अपने सभी गुप्तांगों की अच्छे से साफ सफाई की और पूरे बदन को अच्छे से साफ किया।
नहाने के बाद मैंने नई ब्रा पैंटी पहनी और अपनी सबसे सेक्सी साड़ी पहनी।

लाल रंग की साड़ी और काले रंग का ब्लाउज पहनकर मैं तैयार हो गई।

वो साड़ी और ब्लाउज मेरे गोरे बदन पर काफी ज्यादा सूट करता था।
ब्लाउज बिना बाजू का था जिससे मेरे अंडरआर्म काफी सेक्सी दिखाई देते थे.
और साथ ही ब्लाउज पीछे गहरे गले का था तो मेरी मस्तानी पीठ देख लोगों के लंड खड़े हो जाते थे।

तैयार होने के बाद मैं बेहद सेक्सी लग रही थी और फिर मैं विक्रम जी का इंतजार करने लगी।

दोस्तो, कहानी के अगले भाग में आपको बताऊंगी कि विक्रम जी के आने के बाद क्या हुआ।
क्या उस रात उन्होंने मेरी चुदाई की या फिर केवल वे खाना खाने के बाद चले गए।

आगे क्या क्या हुआ, ये सब जानिए देसी चूत सेक्स कहानी के अगले भाग में!
तब तक इस भाग पर आप अपने विचार मुझे भेजें.
[email protected]

देसी चूत सेक्स कहानी का अगला भाग: ऑनलाइन दोस्त ने मेरी चूत फाड़ कर मजा दिया- 2

What did you think of this story??

Comments

Scroll To Top