निम्फोमेनिया : सेक्स की लत- 3
(Hot Couple Sex Story)
हॉट कपल सेक्स स्टोरी में शादी के बाद पत्नी को सेक्स का शौक लगा तो उसने अपनी सहेलियों भाभियों से इस बारे में बात की. ज्यादातर ने पति के अलावा यार चुदाई के लिए रखे हुए थे.
कहानी के दूसरे भाग
सेक्स का नशा चढ़ गया
में आपने पढ़ा कि शादी के बाद दुल्हन ने चुदाई का मजा लिया तो उसे बहुत अच्छा लगा. उसे हर रोज लंड की जरूरत थी. उसके मन में नए लंड की चाह भी घर करने लगी थी.
अब आगे हॉट कपल सेक्स स्टोरी:
सिम्मी ने अपनी उसी भाभी के कहने पर अपनी एक फेक आईडी बनायी और मुंह छिपाते हुए ब्रा पेंटी में एक फोटो डीपी पर डाल दी.
अब तो उसके पास फटाफट दोस्ती के ओफर आने लगे.
सिम्मी ने एक गबरू जवान आदमी छांटा और उससे चैटिंग शुरू कर दी.
अब सिम्मी की पूरी दोपहर और संजीव के सोने के बाद रातें चैटिंग में गुजरने लगीं.
वो आदमी रजनीश, आये दिन अपने लंड की फोटो भेजता और सिम्मी से भी कहता नंगी फोटो भेजने को.
वो तो सिम्मी की भाभी ने मना कर रखा था कि कभी नंगी फोटो मत भेजना तो सिम्मी ने नहीं भेजीं.
पर एक रात ज्यादा गर्म होने पर सिम्मी ने अपने बूब्स की फोटो भेज दीं.
अब तो रजनीश ने विडियो काल करके अपना लंड मुठ मार के खाली करके दिखाना शुरू कर दिया.
फिर तो ये रोज़ का शगल हो गया कि सिम्मी उसे अपने बूब्स दिखाती और वो मुठ मारकर अपना लंड खाली करता.
इस समय वो वाइब्रेटर सिम्मी की चूत में होता.
इस सबसे सिम्मी की चुदास और बढ़ गयी थी.
अब सेक्स को लेकर वो संजीव को ताने मारती.
सही मायनों में सिम्मी अब निम्फोमैनिक हो गयी थी.
उसे हर समय सेक्स ही सूझता.
संजीव के साथ पार्टियों में भी जाती तो उसकी निगाहें जवान लड़कों के पेंट के उभार पर ही होतीं.
कहीं भीड़ में जब कोई मर्द उससे टकराता तो उसे सिहरन सी होती.
उसे लगता काश वो उसे पकड़ कर मसल दे.
पर इतना सब होते हुए भी उसके और संजीव के प्यार में कोई कमी नहीं थी.
दोनों जान छिड़कते थे एक दूसरे पर.
एक दिन संजीव ने उसे बताया कि उसका एमबीए का रूम मेट डेविड जो एक गोरा है, वो दिल्ली आया हुआ है और दो तीन दिन के लिए बंगलूरु आ रहा है. हालाँकि उसकी कम्पनी ने उसके लिए होटल बुक कर रखा है, पर संजीव ने उससे कहा है की एक-दो रात वो उसके साथ ही रुके.
सिम्मी को ये सुनकर अच्छा लगा कि इस पराये शहर में कोई तो संजीव का पुराना दोस्त आ रहा है.
जब संजीव ने रात को उससे विडियो कॉल करी और सिम्मी से भी बात करायी.
तो सिम्मी की चूत में चीटियाँ चलने लगीं.
डेविड जबरदस्त स्मार्ट था. कद काठी बिलकुल संजीव जैसी.
वो बहुत हंसमुख था.
रात का समय था तो डेविड नंगे बदन था, बस उसने एक शॉर्ट्स पहनी हुई थी.
गोरी बिना बालों की छाती!
जब एक बार बात करते करते डेविड खड़ा हुआ तो सिम्मी की अपनी आदतानुसार निगाह उसके लंड के उभार पर जा पड़ी.
निश्चित रूप से उसका लंड संजीव के लंड के मुकाबले मोटा था.
बातों बातों में उसने बताया कि उसने शादी तो नहीं की पर वो और उसकी एक दोस्त लिव इन रिलेशन में साथ रहते हैं.
उसकी दोस्त लीज़ा भी साथ ही थी.
डेविड ने जब लीज़ा को आवाज दी तो वो नहाकर निकली ही थी और उसने केवल एक टॉवेल लपेटा हुआ था.
सिम्मी ने लीज़ा से बात की और पूछा कि वो क्यों नहीं बंगलौर आ रही.
तो लीज़ा ने बताया कि उसकी एक मीटिंग है बीच में. अगर वो समय से फारिग हो गयी तो जरूर डेविड को ज्वाइन कर लेगी बंगलौर में.
उस रात को संजीव का लंड चूसते चूसते सिम्मी ने संजीव से पूछ ही लिया- तुम दोनों रूम मेट रहे हो तो खुराफात जरूर की होगी?
संजीव हँसते हुए बोला- मैं बहुत संकोची था. हाँ, हम लोग अक्सर साथ साथ नहाते थे. और एक बार दोनों ने न्यूड मसाज जरूर करायी थी.
सिम्मी ने संजीव के ऊपर चढ़ कर उसका लंड अपनी चूत में करते करते पूछ ही लिया- डेविड का लंड नहीं लिया तुमने अपनी गांड में कभी?
संजीव ने अपना लंड उसकी चूत में पेलते हुए कहा- उसका लंड बहुत मोटा था. अगर मैं अपनी गांड में लेता तो वो फट जाती.
बस ये सुनकर सिम्मी की तो सुलग ली.
उसकी चूत में सुरसुरी बढ़ गयी.
उसने अपनी उछल कूद बढ़ाते हुए कहा- उसकी दोस्त लीज़ा बहुत गर्म माल है, तुम उसे चोद लो. उसके मम्मे मेरे से भी ज्यादा मोटे होंगे.
संजीव के लंड में तो लीज़ा को देख कर ही आग लग गयी थी.
अब सिम्मी की बात सुनकर उसकी चुदास भड़क गयी.
उसने सिम्मी को नीचे पलटा और अपना लंड उसकी चूत में पेलते हुए कहा- हाँ यार, मजा आ जाएगा पर तुम क्या करोगी? डेविड बहुत शर्मीला है वो तो तुम्हें हाथ भी नहीं लगाएगा.
सिम्मी बोली- कोई बात नहीं, तुम तो मजे ले लेना.
पर सिम्मी मन ही मन कह रही थी कि कैसे हाथ नहीं लगायेगा. अगर एक बार डेविड उसे अकेले में मिल जाए तो हाथ क्या पूरा लंड कर देगा वो उसकी चूत में.
संजीव चुदाई में बार बार डेविड के लंड का जिक्र करता रहा.
वो चाहता था कि सिम्मी उसके लंड का जिक्र करे और गर्म हो जाए ताकि उनका सेक्स धमाकेदार हो.
खैर उस रात उन दोनों के बीच जबरदस्त सेक्स हुआ.
अगले हफ्ते वीकेंड में इतवार को डेविड को आना था.
उसकी सोमवार और मंगलवार को मीटिंग थी.
तो संजीव ने उससे ये प्रोग्राम बनाया कि वो इतवार की सुबह की फ्लाइट से आ जाये. इतवार वो लोग घूमेंगे, मस्ती करेंगे. सोमवार को सुबह डेविड अपनी मीटिंग में चला जाए.
लौटकर फिर वो तीनों बंगलौर घूमेंगे और रात को डिनर बाहर लेकर डेविड को उसके होटल छोड़ देंगे.
शायद लीज़ा भी सोमवार को शाम तक बंगलौर आ जाए.
मंगलवार को डेविड अपना ऑफिस का काम निबटा ले.
रात को डेविड और लीज़ा संजीव के घर डिनर लेंगे.
और देर रात की फ्लाइट थी डेविड और लीज़ा की अमेरिका की.
वीकेंड पर सिम्मी पार्लर में जाकर अपने को पूरा चमका कर आई.
संजीव ने उससे कह दिया था कि डेविड के आने पर वो जैसे मन करे वैसे कपड़े पहन ले, उसे कोई ऐतराज नहीं.
शनिवार की रात को सिम्मी ज्यादा ही गर्म हो रही थी.
आज उसने अपने हाथ पैर की गोरी गोरी उँगलियों पर रेड नेल पेंट लगाया था.
छोटी सी पोल्का डॉट्स की फ्रॉक में वो जंगली बिल्ली जैसी लग रही थी.
संजीव भी लीज़ा के ख्यालों में तड़पता हुआ पूरे मूड में था.
सिम्मी ने संजीव को डिनर लेना भारी कर दिया, वो बार बार उसका लंड पकड़ लेती.
संजीव समझ गया कि आज सिम्मी भी मूड में है.
पर उसे मन में खराब लग रहा था कि वो तो लीज़ा की चूत मारने के ख्वाब देख रहा है और सिम्मी को डेविड का लंड नहीं मिलेगा.
अब संजीव इतना भी बेशर्म नहीं था कि डेविड से कहता कि आओ और मेरी बीवी की चूत मार लो.
उधर सिम्मी को संजीव के लंड में डेविड का लंड नजर आ रहा था.
उसके दिमाग में हर मिनट ये प्लानिंग चल रही थी कि वो कैसे डेविड को मजबूर करे कि वो उससे चुदाई की भीख मांगे.
संजीव ने भी उसे डेविड का लंड जिक्र करके खूब गर्म किया.
जब संजीव बेड रूम में आया तो उसने सिम्मी को देखा जो टांगें फैलाए उसका इंतज़ार कर रही थी.
अब संजीव को सिम्मी की चूत में लीज़ा की चूत नजर आ रही थी.
उसने बेड से नीचे खड़े होकर सिम्मी को टांग पकड़ कर अपनी और खींचा और नीचे खड़े रहते हुए ही झुककर सिम्मी की चूत में अपनी जीभ घुसा दी.
सिम्मी ने अभी अपनी फांकें और चौड़ा दीं.
नेल पेंट की मादक खुशबू संजीव के नथुनों में घुस रही थी.
आज सिम्मी की चूत महक भी रही थी.
संभवतः सिम्मी ने स्प्रे किया था.
संजीव ने ढेर सारा थूक लगा कर जीभ के साथ साथ अपनी उंगलियाँ भी अंदर कर दीं.
अब सिम्मी कसमसाते हुए इधर उधर होने लगी और फिर एक झटके से उठकर बैठी और अपनी फ्रॉक उतार फेंकी और लेट कर संजीव का लंड लपक लिया और लगी लपर लपर चूसने.
सिम्मी ने उसके लंड पर ढेर सारा थूक लगाया और लंड को हाथ में लेकर मसलने लगी.
संजीव का लंड जल बिन मछली जैसा मचलने लगा.
उसे अब चूत चाहिए थी.
संजीव ने सिम्मी को सीधा होकर लेटने को कहा और फिर उसको अपनी और खींच कर नीचे खड़े खड़े ही अपना तनतनाता हुआ लंड उसकी चूत में पेल दिया और धक्के देने शुरू कर दिए.
आज संजीव के धक्के जबर्दस्त थे क्योंकि उसके घुटनों को बेड से सप्पोर्ट मिल रही थी.
पर दूरी बढ़ जाने से सिम्मी को मजा नहीं आ रहा था.
सिम्मी ने उसे ऊपर आने को कहा.
और जैसे ही संजीव ऊपर आया, सिम्मी खुद उसके ऊपर चढ़ गयी लंड के ऊपर बैठ गयी.
सिम्मी ने बड़ी अदा से अपने हाथों से अपने मम्मों को पकड़ा और उन्हें ऊपर उठा कर चूमने लगी.
नीचे से संजीव का लंड उसकी गुफा में घुसने को बेताब था.
संजीव ने पहल की और अपने हाथ से लंड को सिम्मी की चूत में कर दिया और एक जोर का धक्का ऊपर की और मारा.
लंड सीधा सिम्मी की गुफा में चीरते हुए घुस गया.
ऊपर से सिम्मी ने नीचे दबाव किया और इधर उधर मटकते हुए लंड को अपनी चूत में सही से सेट किया और फिर लगी उछलने.
सिम्मी के मम्मे झूल रहे थे.
संजीव ने उन्हें पकड़ा और सिम्मी किए सर को नीचे करते उए उसके होंठों से होंठ भिड़ाये.
सिम्मी ने उसके होंठों पर कस के चूमते हुए कहा- मेरे मम्मे कौन चूसेगा.
संजीव के मुंह से निकल गया- कल डेविड आयेगा, उससे चुसवा लेना.
अब तो सिम्मी की उछल-कूद बढ़ गयी.
वो हांफने लगी और बोली- केवल चुसवाओगे? तुम तो मुझे दूसरा लंड दिलवाने वाले थे?
संजीव भी हांफते हुए बोला- डेविड बहुत शर्मीला है, वो नहीं चोदेगा.
सिम्मी ने अपने धक्के बढ़ाते हुए कहा- मैं तुम्हें लीज़ा की चूत दिला दूँगी, बदले में तुम मुझे डेविड का लंड दिलवा देना.
इतना सुनकर बस संजीव के तो करंट दौड़ गया.
उसने सिम्मी को नीचे पलटा और बड़ी बेरहमी से उसे चोदने लगा.
सिम्मी भी कोई कमजोर तो थी नहीं … उसने भी जकड लिया संजीव को.
संजीव उसके ऊपर लेट सा गया.
दोनों ने एक दूसरे को भींच रखा था. दोनों के होंठ मिले हुए थे. जीभ एक दूसरे में समाने को आपस में भिड़ी हुईं थीं.
संजीव उसी तरह जकड़े हुए पूरी ताकत से लंड को अंदर धकेल रहा था.
और सिम्मी भी नीचे से ऊपर दवाब बना कर लंड को पूरी गहराई तक अपने में लेने को मचल रही थी.
पकड़ इतनी मजबूत थी कि उछल-कूद तो दूर की बात, हिलना भी दोनों सुलगते जिस्मों के लिए संभव नहीं था.
सिम्मी ने पेल मारी और ऐसे ही लिपटे-लिपटे संजीव के ऊपर आ गयी.
अब संजीव की पकड़ थोड़ी ढीली हुई तो सिम्मी ऊपर बैठ कर बिना उछले अकड़ सी गयी जिससे लंड और गहराई तक उतर जाए.
बस इतने से ही दोनों का स्खलन होने वाला हो गया.
संजीव ने मौके की नजाकत को समझते हुए सिम्मी को नीचे किया और आखिरी शॉट लगाते हुए पूरा लंड पेल दिया गहराई तक और सारा माल सिम्मी की चूत में निकाल दिया.
हॉट कपल सेक्स के बाद दोनों थक गए थे.
संजीव ऐसे ही बगल में लुढ़क गया.
सुबह सबसे पहले आँख सिम्मी की खुलीं.
सात बज रहे थे.
डेविड की फ्लाइट 9 बजे आनी थी.
सिम्मी फटाफट उठी, वाशरूम होकर आई.
इस बीच संजीव भी उठ लिया और उसने बाथरूम में ही सिम्मी को दबोच लिया.
सिम्मी ने अपने को छुड़ाते हुए कहा- तुम भी तैयार हो जाओ, मैं भी घर संभालती हूँ. आज मेड को आठ बजे बुलाया है. वो आती ही होगी.
सिम्मी को घर से पहले अपने को संवारना था जैसे कोई उसका पुराना आशिक आ रहा हो.
संजीव तैयार होकर एअरपोर्ट चला गया.
इस बीच सिम्मी ने घर ठीक किया, ब्रेकफ़ास्ट बना कर खुद तैयार हुई.
जींस और छोटा सी स्लीवलेस टॉप जो बस उसके मम्मे ही कवर कर रहा था.
वो नीचे झुकती तो ढीले ढाले टॉप से उसके ब्रा में कैद मम्मे दिखते.
नीचे उसकी नाभि दिख रही थी.
वो बिल्कुल कॉलेज गर्ल लग रही थी.
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हॉट कपल सेक्स स्टोरी का अगला भाग: निम्फोमेनिया : सेक्स की लत- 4
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