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भाभी की चुदाई करने का अपना ही मजा है. bhabhi ki chudai ki kahani, Bhabhi ki Chut sex story, bhabi ki chut ki cudai ki kahani
शायद ही कोई ऐसा मर्द हो जिसने अपनी सगी भाभी, चचेरी ममेरी फुफेरी भाभी या पड़ोस की भाभी की चुत के सपने ना देखें हों. बहुत से लड़के, मर्द खुश किस्मत होते हैं जिन्हें ऎसी भाभी की चुत की चुदाई करने का मौक़ा मिल जाता है.. ऐसे ही कुछ भाग्यशाली मर्दों की भाभी की चुदाई की हिंदी सेक्स कहानी हैं यहाँ!
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Biwi Bhabhi aur uski Nasamajh Bahan-1 दोस्तो, अन्तर्वासना मेरी प्रिय साईट है और इस पर अनेकों कहानियाँ पढ़ने के बाद मुझे भी इस पर कहानी भेजने का विचार आया। तो दोस्तो, यह एक सच्ची और वास्तविक कहानी है, हाँ लिखने में थोड़ा मिर्च-मसाला तो लगाना ही पड़ता है। यह मेरे दोस्त और मेरी सच्ची घटना […]
हम दोनों एक दूसरे के बदन पर साबुन लगाने लगे, मैंने सविता भाभी की चूत पर साबुन लगाते हुए उंगली अन्दर डाल दी और पूसी दबाते हुए बोला- आपकी चूत तो पूरी रसीली हो रही है।
सविता भाभी की चूत मेरी आँखों के सामने थी, मैं उनके ऊपर चढ़ गया, अपने हाथ से चूत पर मेरा लौड़ा लगाते हुए बोली- आज बस में तुमने बहुत तड़पाया है। अब इस कमीनी फ़ुद्दी को फाड़ दो।
भाभी ने मेरा हाथ हटा कर अपनी साड़ी की गाँठ थोड़ी ढीली कर दी और मेरा हाथ नाभि पर रख दिया। नाभि के रास्ते से आराम से हाथ उनकी साड़ी के अन्दर घुस गया।
भाभी मेरा लौड़ा अपने हाथों से सहलाते हुए बोली- इसकी जगह औरतों की चूत में होती है। अब तुम्हारी उम्र इसे औरतों के छेदों में डालने की है, हाथों से हिलाने की नहीं है।
भाभी ने खड़े होकर मुझे अपनी दुधिया चूचियों से चिपका लिया और बोलीं- शुरू शुरू में सबके साथ ऐसा ही होता है। अभी थोड़ी देर में यह दुबारा खड़ा हो जाएगा। नहाने के बाद बिस्तर पर मेरी चूत में पेलना। दो दिन में मैं पूरा चोदू बना दूँगी तुम्हें !
सविता भाभी मेरे सामने साड़ी उतारते हुए बोलीं- पूरा बदन मल मल कर नहाती हूँ, तभी तो इतनी चिकनी हूँ। साड़ी उतार कर पलंग पर रखते हुए बोली- अच्छा बताओ, मैं माल लगती हूँ या नहीं?
Lundo ki Holi-1 विराट दोस्तो, आज मैं आपके लिए एक नई कहानी लेकर आया हूँ। यह घटना मेरी दोस्त निशा (बदला हुआ नाम) के साथ हुई है, जो मैं आपके लिए उसी की ज़ुबानी में लेकर आया हूँ। आपको यह कहानी कैसी लगीम मुझे ज़रूर बताना। अब निशा के शब्दों में पढ़िए। मेरा नाम निशा […]
हैलो दोस्तो, मैं परवेज फरीदाबाद से हूँ। मैं पहली बार अपनी कहानी लिख रहा हूँ। जब मैं 18 साल का था, यह तब की बात है। मेरे बड़े पापा (ताऊ) के दूसरे बेटे ने भाग कर शादी की, इसलिए उनके वापिस आने पर एक पार्टी दी गई, उसमें हमारे परिवार के सभी सदस्य शामिल थे, […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी ‘छोड़ ना मुझे, खाना तो बनाने दे।’ भाभी झूटमूट का गुस्सा करते हुए बोलीं और साथ ही में अपने चूतड़ों को इस प्रकार पीछे की ओर उचकाया कि मेरा लौड़ा उनके चूतड़ों की दरार में अच्छी तरह समा गया और चूत को भी छूने लगा। भाभी की चूत […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी भाभी अब बिल्कुल नंगी थी। चूतड़ उठाए उनके चौड़े नितंब और बीच में से मुँह खोले निमंत्रण देती, काली लम्बी झाँटों से भरी चूत बहुत ही सुन्दर लग रही थी। भारी-भारी चूतड़ों के बीच गुलाबी गाण्ड के छेद को देख कर तो मैंने निश्चय कर लिया कि एक […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी ‘सच.. देख राजू, मोटे-तगड़े लंड की कीमत एक औरत ही जानती है। इसको मोटा-तगड़ा बनाए रखना। जब तक तेरी शादी नहीं होती मैं इसकी रोज़ मालिश कर दूँगी।’ ‘आप कितनी अच्छी हैं भाभी, वैसे भाभी इतने बड़े लंड को लवड़ा कहते हैं।’ ‘अच्छा बाबा, लवड़ा.. सुहागरात को बहुत […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी थोड़ी देर में भाभी बाहर आईं तो उनके हाथ में वही सफेद कच्छी थी जो उन्होंने अभी-अभी पहनी हुई थी। भाभी फिर से वैसे ही बैठ कर अपनी कच्छी धोने लगी। लेकिन बैठते समय उन्होंने पेटीकोट ठीक से टांगों के बीच दबा लिया। यह सोच कर कि पेटीकोट […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी ‘ओह हो.. बाबा, चूत और क्या।’ भाभी के मुँह से लंड और चूत जैसे शब्द सुन कर मेरा लंड फनफनाने लगा। अब तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई। मैंने भाभी से कहा- भाभी इसी चूत की तो दुनिया इतनी दीवानी है। ‘अच्छा जी तो देवर जी भी इसके […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी ‘तुम्हारी कसम मेरी जान… इतनी फूली हुई चूत को छोड़ कर तो मैं धन्य हो गया हूँ और फिर इसकी मालकिन चुदवाती भी तो कितने प्यार से है।’ ‘जब चोदने वाले का लंड इतना मोटा तगड़ा हो तो चुदवाने वाली तो प्यार से चुदवाएगी ही.. मैं तो आपके […]
कुलदीप दहिया हैलो दोस्तो, मैं कुलदीप अपनी एक कहानी लेकर आपके सामने हाज़िर हूँ उम्मीद है कि आपको पसन्द आएगी। यह कहानी बिल्कुल सच्ची है और सारी कहानी जोधपुर में घटित हुई है। मैं एक 24 साल का युवक हूँ, 5 फिट 9 इंच लम्बा हूँ और मेरा लंड 6 इंच लम्बा है। मेरी भाभी […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी मैं साँस थामे इंतज़ार कर रहा था कि कब भाभी पैन्टी उतारें और मैं उनकी चूत के दर्शन करूँ। भाभी शीशे के सामने खड़ी हो कर अपने को निहार रही थीं, उनकी पीठ मेरी तरफ थी। अचानक भाभी ने अपनी ब्रा और फिर पैन्टी उतार कर वहीं ज़मीन […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी ‘भाभी ऐसी क्या चीज़ है जो सिर्फ़ बीवी दे सकती है और आप नहीं दे सकती?’ मैंने बहुत अंजान बनते हुए पूछा। अब तो मेरा लंड फनफनाने लगा था। ‘मैं सब समझती हूँ… चालाक कहीं का..! तुझे सब मालूम है फिर भी अंजान बनता है।’ भाभी लजाते हुए […]
प्रेषक : नामालूम संपादक : जूजा जी भीड़ के कारण सिर्फ़ भाभी को ही रिज़र्वेशन मिला, ट्रेन में हम दोनों एक ही सीट पर थे। रात को भाभी के कहने पर मैंने अपनी टाँगें भाभी की तरफ और उन्होंने अपनी टाँगें मेरी तरफ कर लीं और इस प्रकार हम दोनों आसानी से लेट गए। रात […]
प्रेषक : नामालूम सम्पादक : जूजा जी मैं आप लोगों के लिए अपनी ज़िंदगी का और खूबसूरत लम्हा एक कहानी के माध्यम से साझा कर रहा हूँ। बात उस समय की है जब मैं ग्रेजुयेशन कर रहा था। मेरे घर के पास एक फैमिली रहती थी। पति और पत्नी, जो रिश्ते में मेरी बुआ के […]