सोनिया की चूत के साथ गैंग-बैंग-1
इन्डियन कॉलेज गर्ल की पहली बार चूत चुदाई की सच्ची कहानी है यह… वो दिखने में बहुत खूबसूरत थी… पहले उससे दोस्ती की, फ़िर प्रोपोज़ किया और एक दिन उसे बिस्तर पर ले गया।
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इन्डियन कॉलेज गर्ल की पहली बार चूत चुदाई की सच्ची कहानी है यह… वो दिखने में बहुत खूबसूरत थी… पहले उससे दोस्ती की, फ़िर प्रोपोज़ किया और एक दिन उसे बिस्तर पर ले गया।
मैंने फ़ौरन ही उस को अपनी बांहों में ले कर चुम्बन करना शुरू कर दिया। वो भी मज़े ले रही थी पर जल्दी ही नीलम ने मुझसे कहा- यहाँ कुछ मत करो.. अगर रोशनी और अंकित जाग गए तो दिक्कत हो सकती है।
हमारे नए किरायेदार आए तो उनकी बड़ी बेटी मुझे भा गई लेकिन वो मुझसे दूर भागती थी। एक दिन उसे कॉलेज छोड़ने जाना पड़ा तो उससे बात हुई और मेरी दोस्ती उसने स्वीकार कर ली।
मेरा हाथ मेरी पैन्टी के अन्दर चला गया और मेरी उंगली मेरी चूत में आगे-पीछे होने लगी। मैं एक हाथ से अपने चूचों को दबाने लगी। उधर मम्मी पापा का लण्ड चूस रही थीं
मैं तब अनचुदी कुंवारी चूत थी जब मैंने पापा को मम्मी की चूत चोदते हुए पहली बार देखा था. उनके कमरे से आती आवाजों ने मेरी उत्सुकता बढ़ाई तो मैंने अन्दर झांका.
अनुराग कहने लगा- रोमा, मैं झड़ने वाला हूँ। तो मैंने उसे कहा- मेरे मुँह में ही अपना सारा रस निकाल दो! उसने मेरे मुँह कस
वो आया और हम होटल के कमरे में गए, कमरे में जाते ही उसने मुझे अपनी बाँहों में ले लिया और अचानक अपने होंठों को मेरे होंठों पर रख कर बेतहाशा चूसने लगा।
उसके अचानक यूँ चूमने से में थोड़ी घबरा गई और मैं उसके बदन को अपने हाथ से दूर हटाने लगी पर मैं अनुराग की मजबूत बाँहों में कसती जा रही थी, मैं अपने आपको छुड़ाने की कोशिश कर रही थी।
मैं पूरे जोश में उसके लंड को चूसने लगी। उसके लंड से भी वीर्य की गाढ़ी बाढ़ मेरे मुँह में गिरने लगी। इस बार मैं
अचानक से आनन्द ने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और चूसने लगा। मैं भी उसके होंठ काट कर चूसने लगी। अब मेरी चूत
उसने मुझे अपने से इस तरह चिपका लिया था कि उसका खड़ा लंड मेरे चूतड़ों की दरार में घुसने लगा। वो मेरे मम्मों दबाए जा
अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। आप सबने मेरी पिछली कहानियाँ पढ़ीं और बहुत पसंद किया, मुझे बहुत अच्छा लगा। उसके लिए मैं आप
प्रदीप ने मुझे भी खींच कर कार के बाहर किया और कार से एक कुशन को निकल कर कार का गेट लगा दिया और खुद
अब हमारी कार क्योंकि सिटी से बाहर आ गई थी, इसलिए अब प्रदीप की मस्ती चालू हो गई थी। उसका एक हाथ कार के स्टेयरिंग से हट कर मेरे सीने के ऊपर आ गया और वो बूब्स को दबाने लगा।
उसने मेरे हाथों को अपने कंधों पर रखा और मुझे अपनी तरफ खींच लिया तो मैं आसानी से उसके ऊपर जा गिरी। प्रदीप ने अपने होंठों को मेरे होंठों पर रखा और उन्हें चूसने लगा।
उसने तुझे अंडरवीयर में देखा तो वो तेरी तरफ आकर्षित हो गई थी। उसे तू अंडरवीयर में बहुत अच्छा लग रहा था। यार, जब मैं घर आया था तो उसने मेरे साथ भी चुदाई की थी।
मैं गेस्ट रूम में गई, जैसे ही मैंने गेस्ट रूम का दरवाजा खोला, मैंने देखा कि प्रदीप सिर्फ अन्डरवीयर में खड़े थे, मेरे दरवाजा खोलने से उनको कुछ आवाज हुई तो वो मेरी तरफ मुड़े तो उनके हाथ में मेरी ब्रा थी।
कुछ ही देर बाद बाहर कमरे से आवाजें आने लगी- जोर से चोदो मेरे राजा, जरा जोर जोर चोदो ! मैं बाथरूम से बाहर निकली
करीब 5 मिनट की चुदाई के बाद भैया के मुँह से भी आअह आअह्ह आअह्ह्ह की आवाज निकलने लगी और उन्होंने अपना गर्म गर्म वीर्य
जब मैं उनके कमरे में झांकने लगी तो भाभी सिर्फ पेंटी में थी, उन्होंने ब्रा उतार दी थी और बेटी को दूध पिला रही थी।
भाभी कहने लगी- रोमा, तुम्हारे भईया का लंड बहुत बड़ा और मोटा है, मुझे उससे चुदने में बहुत मजा आता है। वो 8-10 दिन से
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