दीपक कुमार 707

कश्मीर की कली की चुदाई

एक यात्रा के दौरान मुझे बस में एक महिला के बगल की सीट मिली, रात होने लगी थी, मेरी झपकी लग गई तो मेरे लन्ड के आस पास हरकत से मेरी नीन्द खुली, देखा कि साथ बैठी महिला मेरी जिप खोलने की कोशिश कर रही थी…मेरा बैग मेरी जांघों पर था…

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